तलाक के योग: ज्योतिषीय विश्लेषण और एक उदाहरण कुण्डली
१. सप्तम भाव (7th House) और उसका स्वामी सप्तम भाव विवाह और जीवनसाथी का प्रतिनिधित्व करता है। यदि सप्तम भाव पर पाप ग्रहों (शनि, मंगल, राहु, केतु, सूर्य) की दृष्टि हो, या वहाँ ये ग्रह बैठे हों, तो वैवाहिक जीवन में बाधाएँ आती हैं। सप्तमेश (7th lord) यदि नीच राशि में हो, पापग्रहों से पीड़ित…