गोचर ग्रहों की स्थिति से भारत का भविष्य: समृद्धि, चुनौतियां और अवसरों का संतुलन

देहरादून वेदिक ज्योतिष में गोचर (ट्रांजिट) ग्रहों की स्थिति किसी राष्ट्र या व्यक्ति के भविष्य को प्रभावित करने वाली प्रमुख कारक मानी जाती है। वर्तमान अक्टूबर 2025 में ग्रहों का गोचर—जैसे शुक्र का कन्या राशि में प्रवेश, गुरु-शुक्र का षष्ठम भावी योग, और राहु-केतु का कुंभ-सिंह में गोचर—भारत के लिए एक मिश्रित चित्र प्रस्तुत कर रहा…

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राजयोग और 11वें भाव का महत्व: वेदिक ज्योतिष के अनुसार

वेदिक ज्योतिष में कुंडली के 11वें भाव को लाभ भाव कहा जाता है, जो धन-संपत्ति, मित्रों, आय के स्रोतों और महत्वाकांक्षाओं से संबंधित होता है। इस भाव की स्थिति और उसमें मौजूद ग्रहों का प्रभाव जातक की आर्थिक प्रगति और जीवनशैली को निर्धारित करता है। विभिन्न ग्रहों और उनके संयोजनों के आधार पर 11वें भाव…

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